Tuesday, July 28, 2020

PM Laghu Udyog Yojana: शुरू करें खुद का बिजनेस, सरकार दे रही 25 लाख रुपये, जानें कैसे उठाएं फायदा


PM Laghu Udyog Yojana 2020: भारत में उद्यमियों ( PM Small Scale Industry Scheme ) के रास्ते में आने वाली हर बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ( Modi Scheme ) कई तरह की योजनाएं चला रही है।
-उद्यमशीलता को बढ़ाने के लिए पूंजी एक प्रमुख कारक है। इसके लिए केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए उद्यमियों के लिए सस्ती दरों पर विशेष ऋण की सुविधा उपलब्ध कराती है। 
-इन योजना के तहत कोई भी खुद का बिजनेस शुरू कर सकता है।

नई दिल्ली।
PM Laghu Udyog Yojana 2020: भारत में उद्यमियों ( PM Small Scale Industry Scheme ) के रास्ते में आने वाली हर बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ( Modi Scheme ) कई तरह की योजनाएं चला रही है। उद्यमशीलता को बढ़ाने के लिए पूंजी एक प्रमुख कारक है। इसके लिए केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए उद्यमियों के लिए सस्ती दरों पर विशेष ऋण की सुविधा उपलब्ध कराती है। इन योजना के तहत कोई भी खुद का बिजनेस शुरू कर सकता है। भारत सरकार और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI ) ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों ( CGTMSE ) के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट की स्थापना की है। इस योजना के तहत प्लांट या मशीन आदि के लिए 25 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक का लोन ले सकते हैं।

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लघु उद्योग के फायदे
लघु उद्योग की सबसे खास बात है कि इसके लिए आपको बहुत कम निवेश करना पड़ता है। अपनी योग्यता के अनुसार आप धन लगाकर अपने व्यवसाय का शुरू कर सकते हैं। सरकार लघु उद्योग लगाने पर सब्सिडी भी देती है। इससे कई लोगों को रोज़गार मिलता है। यही नहीं, लघु उद्योगों के कारण कई चीज़ें कम कीमत पर मिल जाती हैं।

सरकार की लघु योजनाएं
केंद्र सरकार कई तरह की लघु योजनाएं चला रही है। जिसके तहत लोगों को अपने उद्योग शुरू करने के लिए ऋण, सब्सिडी या अन्य लाभ प्रदान करती है। इसमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड योजना, क्रेडिट लिंक कैपिटल सब्सिडी स्कीम, एमएसएमई आदि शामिल है।

लघु उद्योग के लिए लोन
इस योजना के तहत माइक्रो एंटरप्राइजेज के लिए 25 लाख, छोटे उद्यम के लिए 25 लाख से एक करोड़, मध्यम उद्यम के लिए पांच करोड़ से दस करोड़ तक दिया जाता है। वहीं, सूक्ष्म उद्यम के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये लोन दिया जाता है। छोटे उद्यम के लिए 10 लाख से दो करोड़ तक और मध्यम उद्यम में दो करोड़ से लेकर अधिकतम पांच करोड़ तक लोन दिया जाता है।

पीएम किसान सम्मान निधि: अगर नहीं आ रही किस्त तो फौरन कर लें यह काम

एक अगस्त से पीएम किसान सम्मान निधि की छठी और इस साल की 2000 रुपये की दूसरी किस्त किसानों के खाते में आनी शुरू हो जाएगी, लेकिन बहुत से ऐसे किसान हैं, जिन्हें इस साल की पहली ही किस्त नहीं मिल पाई है। पीएम किसान की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के 73 फीसद किसानों के खाते में 2000 रुपये की पांचवीं किस्त पहुंच गई है। यानी 27 फीसद पंजीकृत किसान इससे वंचित हैं। वहीं मध्यप्रदेश के केवल 2 फीसद किसानों तक पांचवीं किस्त पहुंची है। लाखों किसानों के खातों में पैसा नहीं पहुंचने की बड़ी वजह उनके आवेदन, बैंक खाते या आधार कार्ड पर दर्ज नाम की स्पेलिंग अलग-अलग होना। अगर आप भी उन ऐसे ही किसानों में शामिल हैं, जिनके खाते में पांचवीं किस्त नहीं पहुंची है तो यह गलती अभी सुधार लें। इसके लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं। आप घर बैठे ही यह काम कर सकते हैं, ये है उसका तरीका...

  • PM-Kisan Scheme की ऑफिशियल वेबसाइट (https://pmkisan.gov.in/) पर जाएं। इसके फार्मर कॉर्नर के अंदर जाकर Edit Aadhaar Details ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • आप यहां पर अपना आधार नंबर दर्ज करें। इसके बाद एक कैप्चा कोड डालकर सबमिट करें।
  • अगर आपका केवल नाम गलत होता है यानी कि अप्लीकेशन और आधार में जो आपका नाम है दोनों अलग-अलग है तो आप इसे ऑनलाइन ठीक कर सकते हैं।
  • अगर कोई और गलती है तो इसे आप अपने लेखपाल और कृषि विभाग कार्यालय में संपर्क करें
  • अगर आप अब तक इस स्कीम से वंचित हैं तो आप पहले अपने लेखपाल, कानूनगो या जिला कृषि अधिकारी से संपर्क करें। अगर वहां भी आप की सुनवाई नहीं हो रही तो हेल्पलाइन (155261 या 1800115526) पर संपर्क करें। इसके अलावा आप 011-23381092 पर भी बात कर सकते हैं। 


लिस्ट ऑनलाइन देखने के लिए आसान स्टेप

  • वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। 
  • होम पेज पर मेन्यू बार देखें और यहां ‘फार्मर कार्नर’ पर जाएं। 
  • यहां ‘लाभार्थी सूची’ के लिंक पर क्लिक करें।
  • इसके बाद अपना राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव विवरण दर्ज करें
  • इतना भरने के बाद Get Report पर क्लिक करें और पाएं पूरी लिस्ट


स्टेटस जानने के लिए ये 2 आसान स्टेप

  • स्टेप 1- सबसे पह पीएम किसान की वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। होम पेज पर मेन्यू बार देखें और यहां ‘फार्मर कार्नर’ पर जाएं। यहां BeneficiaryStatus पर क्लिक करें। 
  • स्टेप 2: अब इस पेज पर आपको अपने फार्म की स्टेटस जानने के लिए 3 विकल्प दिखेंगे। आधार नंबर, अकाउंट नंबर और मोबाइल नंबर। इनमें से किसी एक पर क्लिक या टैप करें। अब आप जिस विकल्प को चुने हैं, उसमें वह नंबर डालकर Get Data पर क्लिक करें।


बता दें हर साल मोदी सरकार किसानों के खाते में सीधे 6000 रुपये तीन किस्तों में भेजती है। केंद्र सरकार ने इस योजना को  24 फरवरी 2019 को शुरू किया था और यह एक दिसंबर 2018 से ही प्रभावित हो गया था। यानी अब तक किसानों को 5 किस्त मिल चुकी है और छठी किस्त एक अगस्त से आनी शुरू हो जाएगी।

इन्हें नहीं मिलेगा लाभ

  • किसान परिवार जो निम्न श्रेणियों में से एक या एक से अधिक हैं
  • संवैधानिक पदों के पूर्व और वर्तमान धारक
  • पूर्व और वर्तमान मंत्रियों / राज्य मंत्रियों और लोक सभा / राज्यसभा / राज्य विधानसभाओं / राज्य विधान परिषदों के पूर्व / वर्तमान सदस्य, नगर निगमों के पूर्व और वर्तमान महापौर, जिला पंचायतों के पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष।
  • केंद्रीय / राज्य सरकार के मंत्रालयों / कार्यालयों / विभागों और इसकी फील्ड इकाइयों के सभी सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी केंद्रीय या राज्य सार्वजनिक उपक्रम और संलग्न कार्यालय / स्वायत्त संस्थान और सरकार के अधीन स्थानीय निकाय के नियमित कर्मचारी
  • (मल्टी टास्किंग स्टाफ / चतुर्थ श्रेणी / समूह डी कर्मचारियों को छोड़कर)
  • सभी सुपरनेचुरल / रिटायर्ड पेंशनर्स जिनकी मासिक पेंशन रु। 10,000 / - अधिक है
  • (उपरोक्त श्रेणी के मल्टी टास्किंग स्टाफ / चतुर्थ श्रेणी / समूह डी कर्मचारियों को छोड़कर)
  • अंतिम मूल्यांकन वर्ष में आयकर का भुगतान करने वाले सभी व्यक्ति
  • डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट जैसे पेशेवर पेशेवर निकायों के साथ पंजीकृत होते हैं और अभ्यास करते हैं।

Sunday, July 26, 2020

होम लोन पर कर सकते हैं लाखों रुपये की बचत, जानिए क्या है तरीका

RBI द्वारा नीतिगत ब्याज दरों (Policy Rates) को ध्यान में रखते हुए होम लोन पर लाखों रुपये की बचत की जा सकती है. पिछले कुछ महीनों में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में बड़ी कटौती की है, जिसके बाद इससे जुड़ा होम लोन (Repo rate linked Home Loan) भी सस्ता हो गया है.

हाल ही में कई पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSB's) ने रेपो रेट लिंक्ड होम लोन पेश किया है. इस स्कीम के तहत, फ्लोटिंग होम लोन के लिए ब्याज दर 'मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट' (MCLR) की जगह रेपो रेट से लिंक होता है. MCLR में ग्राहकों को कम ब्याज दर का फायदा मिलता है. रेपो रेट (Repo rate) वह दर होता है, जिस दर भारतीय रिज़र्व बैंक अन्य कॉमर्शियल बैंकों को कर्ज देता है. आमतौर पर, रेपो रेट से जुड़े होम लोन पर आरबीआई द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में बदलाव का फायदा तुरंत मिल जाता है.

कोरोना वायरस महामारी के बीच अर्थव्यवस्था की सेहत सुधारने के लिए पिछले कुछ महीनों में आरबीआई ने रेपो रेट में बड़ी कटौती की है. यही कारण है कि रेपो रेट से लिंक्ड होम लोन भी इसी क्रम में सस्ते हुए हैं. वहीं, इसकी तुलना में एमसीएलआर लिंक्ड होम लोन की दरें महंगी हैं.

क्यों रेपो रेट लिंक्ड होम लोन में शिफ्ट करें?

MCLR की तुलना में रेपो रेट में ऐसे कई फैक्टर्स हैं, जो होम लोन (Repo Rate Linked Home Loan) लेने वालों के लिए इसे आकर्षक बनाता है. सबसे बड़ा फैक्टर तो MCLR के मामले में कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट का ही होता है. आज के समय में रेपो रेट दर से जुड़े होम लोन सबसे ज्यादा सस्ते हैं. यही कारण है कि एक्सपर्ट्स भी कर्जदारों को रेटो रेट लिंक्ड में शिफ्ट करने की सलाह देते हैं.

आज के समय में रेपो रेट लिंक्ड होम लोन की दर 7 फीसदी के नीचे हैं जबकि, बेस रेट और एमसीएलआर लिंक्ड रेट्स 7.50 फीसदी या इससे अधिक हैं. ऐसे में अपने पुराने लोन को रेपो रेट लिंक्ड लोन में रिफाइनेंस करना एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. लोन की पूरी अवधि में इससे लाखों रुपये की बचत हो सकती है. आइए जानते हैं कि लाखों रुपये की यह बचत कैसे होगी।

क्या है लाखों रुपये बचाने का गणित?

मान लीजिए कि किसी व्यक्ति ने 8.2 फीसदी की दर से एमसीएलआर लिंक्ड होम लोन लिया है. इस लोन पर 180 महीने में 25 लाख रुपये का भुगतान बाकी है. अगर इस ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं होता है तो कुल ब्याज करीब 18.52 लाख रुपये होगा. इसकी ईएमआई करीब 24,180 रुपये होगी.

अगर इसे 7.1 फीसदी की ब्याज दर पर भी रेपो​ लिंक्ड लोन में कन्वर्ट किया जाता है तो इन 180 महीनों के लिए कुल ब्याज करीब 15.69 लाख रुपये होगा. इस प्रकार रेपो लिंक्ड लोन पर 2.83 लाख रुपये की बचत होगी. इससे उन्हें हर महीने 1,570 रुपये कम ईएमआई देनी होगी, जोकि 22,610 रुपये होगी.

इसके अतिरिक्त, अगर कर्जदार रिफाइनेंस किए जा चुके लोन पर पहले की तरह ही 24,180 रुपये प्रति महीने की EMI जमा करता रहा तो लोन की अवधि घटकर केवल 161 महीने की हो जाएगी. इससे ब्याज पर अतरिक्त 1.92 लाख रुपये की बचत हो सकती है.

आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि वो बिना किसी अतिरिक्त मार्जिन के लोन ट्रांसफर करने की सुविधा दें. हालांकि, एक लोन से दूसरे लोन में शिफ्ट करने के लिए लेनदार को कुछ कनवर्जन चार्ज देना पड़ेगा. यह बैंक की अपनी पॉलिसी पर निर्भर करेगा.।

Post Office Saving Scheme: बचत पर बेहतर रिटर्न दे रही है पोस्ट ऑफिस की यह योजना, जानिए और क्या है खास

पोस्ट ऑफिस अपने ग्राहकों से कई तरह की स्मॉल सेविंग स्कीम्स की पेशकश करता है। ये स्कीम्स बेहतर ब्याज दर और सुरक्षित निवेश के लिए जानी जाती हैं। पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम भी ऐसी ही एक स्कीम है। इस स्कीम में निवेश करके निवेशक एक अच्छी-खासी बचत कर सकता है और अपनी बचत पर बेहतर ब्याज प्राप्त कर सकता है। आइए इस स्कीम के विभिन्न पहलुओं पर बात करते हैं।

ये खुलवा सकते हैं खाता 

पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम में एक एकल वयस्क, ज्वाइंट अकाउंट (अधिकतम दो वयस्क), 10 साल से अधिक उम्र के नाबालिग और मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति के नाम पर पेरेंट्स द्वारा खाता खुलवाया जा सकता है।

ब्याज दर

पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम में ब्याज दर की बात करें, तो इस योजना के तहत एकल या ज्वाइंट अकाउंट पर 4 फीसद सालाना की दर से ब्याज प्राप्त होता है। साथ ही इस योजना में एक वित्त वर्ष में 10,000 रुपये तक की ब्याज आय टैक्स फ्री भी होती है।

डिपॉजिट लिमिट

पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम में डिपॉजिट लिमिट की बात करें, तो इस योजना के तहत खुले अकाउंट में कम से कम 500 रुपये की राशि रखना आवश्यक होता है। पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट में यदि खाताधारक न्यूनतम 500 रुपये की राशि नहीं रख पाता हैं, तो प्रत्येक वित्त वर्ष के अंतिम कामकाजी दिन मेंटेनेंस शुल्क के रूप में 100 रुपये शुल्क काटा जाता है। यदि मेंटेनेंस शुल्क कटने के बाद खाते में जीरो रुपये शेष बचते हैं, तो इस अकाउंट को बंद कर दिया जाता है।


Friday, July 24, 2020

किसान ही बनेंगे बीज बैंक के मालिक, आत्मनिर्भर भारत योजना में दिया जाएगा लाइसेंस

देश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री की घोषणा फलीभूत हो रही है। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण विभाग ने बीज बैंक योजना को बड़े पैमाने पर शुरू करने का एलान किया है। इसके तहत अब देशभर में जिलेवार बीज बैंक बनेंगे।

इसके लिए किसानों को ही बीज बैंक का लाइसेंस दिया जाएगा। इससे किसान बीज के उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेंगे। इस योजना में देश के साढ़े छह सौ जिलों में बीज बैंक खोले जाने हैं। देश में इस समय लगभग तीस फीसदी बीज किसान स्वयं बनाता है बाकी बीजों के लिए उसे बाजार और सरकारी सस्ते बीजों की उपलब्धता पर निर्भर रहना पड़ता है।

ऐसे में कई बार उसे बीज की गुणवत्ता के चलते बड़ी ही कम पैदावार या बीमार फसल जैसी दुश्वारियां भी झेलनी पड़ती हैं। ऐसे में किसानों को इस दिशा में सक्रिय करने के लिए मंत्रालय ने पूर्व के लाइसेंस नियमों में भी काफी ढील दी है। इसमें अब  बीज बैंक के लाइसेंस के लिए कक्षा दस पास होना ही काफी होगा।

किसान को स्थानीय कृषि प्रसार केंद्र पर प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित कर दिया जाएगा। लाइसेंस के लिए अन्य योग्यताएं हैं उसके पास अपनी या बटाई अथवा पट्टेदारी में कम से कम एक एकड़ जमीन होनी चाहिए। उसे राज्य स्तर से बीज के स्तर और मानकों के लिए निबंधन और प्रमाणन करना होगा।

सरकार द्वारा उन्हें एक मुश्त रकम प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जाएगी। इसके अलावा भंडारण की सुविधा के लिए प्रशिक्षण के साथ उपलब्ध संसाधनों पर सब्सिडी भी दी जाएगी। बीज बैंक का लाइसेंस लेने वाले किसान को उसके बीज का बाजार दिलाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

बीज का मूल्य भी पहले से ही तय किया जाएगा। इसके लिए फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी पर 20 फीसदी राशि को जोड़कर प्रसंस्करण बीज के आधार पर क्रय मूल्य का निर्धारण राज्य बीज निगम करेगा। इसके लिए बीज निगम पहले प्रयास में बीज उत्पादक किसानों के खलिहानों से बीजों का संग्रहण करेगा।

नए बीज उत्पादक किसानों को बीज उत्पादन हेतु क्षेत्रीय प्रबंधन एवं केंद्रीय प्रभारी द्वारा आधार बीज मूल्य का भुगतान लेकर उपलब्ध कराया जाएगा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिला स्तर पर बीज बैंक हो जाने से किसान को अच्छे और सस्ते बीज मिलने की राह तो आसान होगी ही साथ ही किसान भी उच्च गुणवत्ता की फसल को उपजाने के लिए प्रोत्साहित होंगे, क्योंकि उन्हें इस प्रक्रिया के चलते महंगे बीजों से निजात और उत्पादक की विश्वसनीयता का लाभ मिल सकेगा।

FPO Scheme: किसान खेती के साथ शुरू कर सकते हैं बिजनेस, सरकार दे रही 15 लाख रुपये


-PM Kisan FPO Yojana 2020: किसानों को खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए केंद्र सरकार आर्थिक मदद करती है। 
-इसी को ध्यान में रखते हुए PM Kisan FPO Yojana की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत देश में 10,000 FPO खोले जा रहे हैं। 
-FPO यानि किसान उत्पादक संगठन या फार्मर प्रोड्यूसर्स ऑर्गनाइजेशन, जो किसानों के ग्रुप से बनता है। 
-केंद्र सरकार किसानों के इन ग्रुप को 15-15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी।

नई दिल्ली।
PM Kisan FPO Yojana 2020: किसानों को खुद का व्यवसाय शुरू करने के लिए केंद्र सरकार आर्थिक मदद करती है। इसी को ध्यान में रखते हुए PM Kisan FPO Yojana की शुरुआत की गई है। इस योजना के तहत देश में 10,000 FPO खोले जा रहे हैं। FPO यानि किसान उत्पादक संगठन या फार्मर प्रोड्यूसर्स ऑर्गनाइजेशन, जो किसानों के ग्रुप से बनता है। यह समूह कंपनी एक्ट के तहत रजिस्टर्ड होता है और कृषि उत्पादक कार्य को आगे बढ़ाता है। केंद्र सरकार किसानों के इन ग्रुप को 15-15 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देगी। यह संगठन फसलों समेत Agriculture उत्पादों से संबंधित कारोबारी गतिविधियों को चलाता है।

10,000 FPO का गठन
PM Kisan FPO Yojana के तहत सरकार 2023-24 तक देश में कुल 10,000 FPO का गठन करेगी। सरकार हर FPO को 5 साल के लिए सरकारी समर्थन देती है। इस काम में लगभग 6,866 करोड़ रुपये का खर्च होगा। संगठन को बनाने और काम शुरू करने के लिए सरकार किसानों को 15 लाख रुपये एकमुश्त कर्ज देती है। इस एक समूह में कम से कम 11 किसान होंगे।


किसानों को होगा फायदा 
Pm Kisan FPO Yojana के तहत लघु व सीमांत किसानों का एक समूह होगा। इस समूह से जुडे किसानों न सिर्फ अपनी उपज का बाजार मिलेगा बल्कि खाद, बीज, दवाइयों और कृषि उपकरण आदि खरीदना आसान होगा। साथ ही बिचौलियों के मकड़जाल से मुक्ति मिलेगी। एफपीओ सिस्टम में किसान को उसके उत्पाद के भाव अच्छे मिलते हैं।


15 लाख रुपये की सहायता
जानकारों के अनुसार Pm Kisan FPO Yojana के तहत कम से 11 किसान संगठित होकर अपनी एग्रीकल्चर कंपनी या संगठन बना सकते हैं। केंद्र सरकार कंपनी यानी संगठन का काम देखकर 15 लाख रुपये तीन साल में देगी। इसके लिए अगर संगठन मैदानी क्षेत्र में काम कर रहा है तो कम से कम 300 किसान उससे जुड़े होने चाहिए। वहीं, पहाड़ी क्षेत्र में इनकी संख्या 100 रहेगी। नाबार्ड कंस्ल्टेंसी सर्विसेज आपकी कंपनी का काम देखकर रेटिंग करेगी। इसके अलावा कई और भी शर्तें रखी गई है।

रोज 50 रुपये जमा करेंगे तो 25 साल में मिलेगी 10 लाख रुपये से भी ज्यादा राशि



कोविड-19 (Covid -19) के संकट ने न केवल अर्थव्यवस्था (Economy) को प्रभावित किया है बल्कि इस महामारी (Pandemic) ने हमारे भविष्य की वित्तीय योजनाओं (Financial Planning) को भी बाधित करना शुरू कर दिया है। ऐसे कठिन वक़्त में यह ज़रूरी है कि हम हर वह मुमकिन कोशिश करें, जिससे पैसे की बचत (Saving) हो। इससे हम आर्थिक रूप से हर मुश्किल घड़ी से लड़ने के लिए तैयार रहेंगे। इसलिए, यह ज़रूरी है कि आप उन निवेश विकल्पों में पैसा लगाएं जहां आपका पैसा सुरक्षित रहे और सुनिश्चित रिटर्न भी मिले!


इस समय, हम एक मुश्किल दौर से गुजर रहे हैं। ऐसे में संभव है कि आप ज्यादा पैसे किसी जोखिम भरे विकल्प में ना डालना चाहें। बाज़ार में ऐसे ढेर सारे निवेश के साधन हैं, जिनमें पैसा जमा करने से आपका पैसा सुरक्षित रहेगा और आपको मुनाफा भी मिलता रहेगा। बैंकबाज़ार डॉट कॉम के सीईओ आदिल शेट्टी हमें बता रहे हैं कि डाक घर की रिकरिंग डिपॉजिट (RD) योजना एक ऐसा ही विकल्प है जिसमे अगर आप रोज़ 50 रूपए या महीने के 1500 रूपए निवेश करें तो आप कुछ समय में एक अच्छी रकम जमा कर सकते हैं।

पोस्ट ऑफिस की रिकरिंग डिपॉजिट स्कीम

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पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट (Post office RD) छोटी बचत योजनाओं (Small saving schemes) में से एक है जो कि भारत सरकार द्वारा समर्थित है। यह बचत योजना जोखिम नहीं उठाने वाले निवेशकों के लिए एक अच्छा विकल्प है। यह योजना निवेशकों को नियमित अंतराल पर एक निश्चित राशि निवेश करने का अवसर देती है। यह खाता आप अकेले या किसी वयस्क के साथ जॉइंट अकाउंट के तहत खोल सकते हैं। यह अकाउंट एक नाबालिग के लिए भी खोला जा सकता है लेकिन इसके लिए कुछ नियम का पालन करना ज़रूरी होता है। एक नाबालिग के लिए अकाउंट खोलने से पहले सारे नियम समझना अच्छा रहेगा।


योजना की मियाद

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पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट की मियाद (Time period) 5 साल की होती है। लेकिन आप इस अवधि को आवेदन देकर 5-5 साल के लिए और आगे बढ़ा सकते हैं। इस विकल्प में निवेश (investment) करने के लिए आपको हर महीने कम से कम 100 रुपये (Minimum 100 Rupees) जमा करना होता है जोकि 10 रुपये के गुणक (Multiple) में होना चाहिए। इसमें निवेश करने की कोई अधिकतम सीमा नहीं होती है।

ब्याज दर

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यह योजना जमाकर्ताओं को सेविंग्स बैंक अकाउंट (SB Account) से अधिक ब्याज दर प्रदान करती है। ब्याज की राशि की कम्पाउंडिंग तिमाही आधार पर की जाती है। यह योजना सरकार की छोटी बचत की योजना में शामिल है, इसलिए केंद्रीय वित्त मंत्रालय हर तिमाही ब्याज दर में समीक्षा करती है। सरकार ने डाक घर रिकरिंग डिपॉजिट की ब्याज दर जुलाई-सितम्बर क्वार्टरके लिए 5.8% तय की है।

रोज 50 रुपये जमा करेंगे तो कितनी रकम होगी इकट्ठा

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आप अगर निवेश के इस विकल्प (Investment option) में हर रोज़ 50 रूपए (Daily 50 Rupees only) या महीने के 1500 रूपए (1500 Rupees in a month) जमा करेंगे तो 5.8 % के दर पर पांच साल में 1,05,095 रूपए जमा कर पाएंगे। लेकिन यही रकम आप 25 साल के लिए जमा करेंगे तो आपको इसी दर पर आपको 10,39,893 रुपये का रिटर्न (Return) मिलेगा।


सरकार की है गारंटी

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पोस्ट ऑफिस रिकरिंग डिपॉजिट एक बहुत ही सुरक्षित (Highly secured) छोटी बचत योजना (Small Saving Scheme) है जिसमे आपका पूरा पैसा ब्याज के साथ लौटने की पूरी गारंटी भारत सरकार (Government of India) देती है। अगर आप ज़्यादा रकम अभी निवेश के लिए कमिट नहीं कर सकते तो कम समय के लिए यह अच्छा विकल्प है। इस दिशा में जितनी जल्दी कदम उठायें, उतना अच्छा है।

PM Kisan Yojana: अगली किस्त के 2 हजार रु 10 दिन के भीतर हो रहे ट्रांसफर, ऐसे दुरुस्त करें आवेदन

PM Kisan Yojana: प्रधान मंत्री किसान सम्मान निधि योजना के तहत किसानों को सालाना 6 हजार रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। सरकार यह मदद 2-2 हजार रुपये की तीन किस्त के जरिए किसानों के अकाउंट में ट्रांसफर करती है। किसानों के खातों में अगली किस्त 1 अगस्त को ट्रांसफर की जा रही है। किसानों के खातों में 1 अगस्त से 2000 रु की छठीं किस्त ट्रांसफर की जाने लगेंगी।

ऐसे में किसानों के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे पुख्ता कर लें कि जो जानकारी उन्होंने आवेदन करते हुए दी थी उसमें किसी तरह की कोई कमी तो नहीं। अगर ऐसा होता है तो आपकी किस्त को रोक लिया जाएगा। यह जानना जरूरी है कि आपके आवेदन का स्टेटस क्या है।

आवेदक पीएम किसान सम्मान निधि योजना की आधिकारिक वेबसाइट pmkisan.gov.in के इस लिंक पर जाकर लिस्ट में अपना नाम चेक कर सकते हैं। लाभार्थियों के नाम राज्य/केंद्र शासित प्रदेश सरकार द्वारा इस पोर्टल पर अपलोड किए जाते हैं। नए वित्त वर्ष में आपने भी आवेदन किया है तो अपना स्टेट्स जरूर चेक कर लें

पीएम किसान सम्मान निधि योजना में ये 5 बदलाव आप पर ऐसे डालेंगे असर और csc center रजिस्ट्रेशन कर सकते है

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत सालाना तीन किस्तों में 6000 रुपये का लाभ उठाने के लिए कुल 8 करोड़ 81 लाख लाभार्थी हैं।  पीएम नरे...