Monday, September 7, 2020

पीएम किसान सम्मान निधि योजना में ये 5 बदलाव आप पर ऐसे डालेंगे असर और csc center रजिस्ट्रेशन कर सकते है

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत सालाना तीन किस्तों में 6000 रुपये का लाभ उठाने के लिए कुल 8 करोड़ 81 लाख लाभार्थी हैं।  पीएम नरेंद्र मोदी ने 9 अगस्त को 8.5 करोड़ किसानों के बैंक खातों में 17000 करोड़ रुपये ट्रांसफर किए थे। केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने 30 लाख और किसानों को 2-2 हजार रुपये भेजा है। 24 फरवरी 2019 को शुरू हुई पीएम किसान योजना एक दिसंबर 2018 से ही प्रभावित हो गई थी। योजना शुरू होने के बाद से इसमें कई बदलाव किए जा चुके हैं। जैसे आधार कार्ड की अनिवार्यता, जोत सीमा का खत्म होना, खुद रजिस्ट्रेशन करना आदि। आइए जानें योजना शुरू होने से अब तक हुए महत्वपूर्ण बदलाव के बारे में..

आधार कार्ड अनिवार्य

aadhar link with account

अगर आप पीएम किसान सम्मान निधि स्कीम का फायदा उठाने की सोच रहे हैं तो सबसे जरूरी आपका आधार है। बिना आधार के आप इस योजना का लाभ नहीं उठा सकते। सरकार ने लाभार्थियों के लिए आधार अनिवार्य कर दिया है। 

जोत की सीमा खत्म

 unique indicator of barki farmer  pumping set running from lpc

योजना की शुरुआत में केवल उन किसानों को इसका पात्र माना गया, जिनके पास कृषि योग्य खेती 2 हेक्टेयर या 5 एकड़ थी। अब मोदी सरकार ने यह बाध्यता खत्म कर दी है ताकि इसका लाभ 14.5 करोड़ किसानों को मिल सके।

खुद रजिस्ट्रेशन की सुविधा

pm kisan list

पीएम किसान योजना का लाभ अधिक से अधकि किसानों तक पहुंचे, इसके लिए मोदी सरकार ने लेखपाल, कानूनगो और कृषि अधिकारी के चक्कर लागाने की बाध्यता ही खत्म कर दी। अब किसान अपना रजिस्ट्रेशन खुद कर सकते हैं वो भी घर बैठे। अगर आपके पास खतौनी,  आधार कार्ड, मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट नंबर है तो  pmkisan.nic.in  पर फामर्स कॉर्नर में जाकर खुद अपना रजिस्ट्रेशन कर लें।स्टेटस जानने की सुविधा

सरकार ने एक और बड़ा बदलाव किया कि आप रजिस्ट्रेशन के बाद अपना स्टेटस खुद चेक कर सकते हैं। जैसे आपके आवेदन की क्या स्थिति है, आपके बैंक अकाउंट में कितनी किस्त आ चुकी है आदि। अब पीएम किसान पोर्टल पर जाकर कोई भी किसान अपना आधार नंबर, मोबाइल या बैंक खाता नंबर दर्ज कर स्टेटस की जानकारी ले सकता है।

किसान क्रेडिट कार्ड और मानधन योजना का लाभ

kcc loanपीएम किसान स्कीम से अब किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) को भी जोड़ दिया गया है। पीएम किसान के लाभार्थियों के लिए केसीसी बनवाना आसान हो गया है।  केसीसी पर 4 फीसदी पर 3 लाख रुपये तक किसानों को लोन मिलता है। वहीं  पीएम-किसान सम्मान निधि का लाभ ले रहे किसान को पीएम किसान मानधन योजना के लिए कोई दस्तावेज नहीं देना होगा। इस योजना के तहत किसान पीएम-किसान स्कीम से प्राप्‍त लाभ में से सीधे ही अंशदान करने का विकल्‍प चुन सकते हैं।

Saturday, August 8, 2020

कल 1 लाख करोड़ के कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड को लॉन्च करेंगे मोदी, PM-KISAN के लिए जारी होगा पैसा

नई दिल्ली 
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी रविवार को सुबह 11 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए 1 लाख करोड़ के एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फाइनैंसिंग फसिलटी का उद्घाटन करेंगे। इसके अलावा वे 17000 करोड़ रुपये का फंड पीएम किसान सम्मान योजना की छठी किस्त के लिए भी जारी करेंगे। इस योजना का लाभ देश के 8.5 करोड़ किसानों को मिल रहा है।
कृषि इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार किया जाएगा 
केंद्रीय कैबिनेट ने एग्रीकल्चर इन्फ्रास्ट्रक्चर फंड के लिए एक लाख करोड़ की मंजूरी दे दी है। इस फंड का इस्तेमाल फसल कटाई के बाद कृषि संबंधी इन्फ्रास्ट्रक्चर के लिए किया जाएगा। इसकी मदद से किसानों के लिए कोल्ड स्टोरेज तैयार करना, कलेक्शन सेंटर बनाना, फूड प्रोसेसिंग यूनिट लगाना जैसे काम किए जाएंगे। 
किसानों की इनकम में तेजी आएगी 
इसकी मदद से किसानों को उनकी फसल के लिए ज्यादा पैसा मिलेगा और उनकी इनकम बढ़ाने में मदद मिलेगी। सरकार किसानों की इनकम दोगुना करने के वादे पर बहुत तेजी से आगे बढ़ रही है। 

किसानों को काफी फायदा होगा 
अगर इस तरह का कृषि संबंधी इन्फ्रास्ट्रक्चर तैयार होता है तो कोल्ड स्टोरेज में किसान अपनी फसल रख पाएंगे। इससे फसलों की बर्बादी कम होगी और उचित समय पर उचित कीमत के साथ किसान अपनी फसल बेच पाएंगे। फूड प्रोसेसिंग यूनिट लग जाने से भी किसानों का बहुत फायदा होगा और हर साल होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी।
11 पब्लिक सेक्टर बैंकों के साथ MOUs 
एक लाख करोड़ का फंड अलग-अलग फाइनैंसिंग इंस्टिट्यूशन की मदद से इकट्ठा किया जाएगा। 12 में 11 पब्लिक सेक्टर बैंक पहले ही MOUs साइन कर चुके हैं।

किसान सम्मान निधि का भी फंड जारी होगा 
बात अगर प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की करें तो इसे 1 दिसंबर 2018 में लॉन्च किया गया था। इसके तहत किसानों के साल में तीन बार 2000-2000 रुपये मिलते हैं। एक साल में कुल 6000 रुपये मिलते हैं। 2020 में पहली किस्त अप्रैल को आई थी और दूसरी किस्त इसी महीने आने वाली है। रविवार को इसका फंड जारी होने वाला है। 

Tuesday, July 28, 2020

PM Laghu Udyog Yojana: शुरू करें खुद का बिजनेस, सरकार दे रही 25 लाख रुपये, जानें कैसे उठाएं फायदा


PM Laghu Udyog Yojana 2020: भारत में उद्यमियों ( PM Small Scale Industry Scheme ) के रास्ते में आने वाली हर बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ( Modi Scheme ) कई तरह की योजनाएं चला रही है।
-उद्यमशीलता को बढ़ाने के लिए पूंजी एक प्रमुख कारक है। इसके लिए केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए उद्यमियों के लिए सस्ती दरों पर विशेष ऋण की सुविधा उपलब्ध कराती है। 
-इन योजना के तहत कोई भी खुद का बिजनेस शुरू कर सकता है।

नई दिल्ली।
PM Laghu Udyog Yojana 2020: भारत में उद्यमियों ( PM Small Scale Industry Scheme ) के रास्ते में आने वाली हर बाधाओं को दूर करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ( Modi Scheme ) कई तरह की योजनाएं चला रही है। उद्यमशीलता को बढ़ाने के लिए पूंजी एक प्रमुख कारक है। इसके लिए केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के जरिए उद्यमियों के लिए सस्ती दरों पर विशेष ऋण की सुविधा उपलब्ध कराती है। इन योजना के तहत कोई भी खुद का बिजनेस शुरू कर सकता है। भारत सरकार और भारतीय लघु उद्योग विकास बैंक (SIDBI ) ने सूक्ष्म और लघु उद्यमों ( CGTMSE ) के लिए क्रेडिट गारंटी फंड ट्रस्ट की स्थापना की है। इस योजना के तहत प्लांट या मशीन आदि के लिए 25 लाख रुपये से लेकर 5 करोड़ रुपये तक का लोन ले सकते हैं।

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लघु उद्योग के फायदे
लघु उद्योग की सबसे खास बात है कि इसके लिए आपको बहुत कम निवेश करना पड़ता है। अपनी योग्यता के अनुसार आप धन लगाकर अपने व्यवसाय का शुरू कर सकते हैं। सरकार लघु उद्योग लगाने पर सब्सिडी भी देती है। इससे कई लोगों को रोज़गार मिलता है। यही नहीं, लघु उद्योगों के कारण कई चीज़ें कम कीमत पर मिल जाती हैं।

सरकार की लघु योजनाएं
केंद्र सरकार कई तरह की लघु योजनाएं चला रही है। जिसके तहत लोगों को अपने उद्योग शुरू करने के लिए ऋण, सब्सिडी या अन्य लाभ प्रदान करती है। इसमें प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री रोजगार योजना, प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम, सूक्ष्म और लघु उद्यमों के लिए क्रेडिट गारंटी फंड योजना, क्रेडिट लिंक कैपिटल सब्सिडी स्कीम, एमएसएमई आदि शामिल है।

लघु उद्योग के लिए लोन
इस योजना के तहत माइक्रो एंटरप्राइजेज के लिए 25 लाख, छोटे उद्यम के लिए 25 लाख से एक करोड़, मध्यम उद्यम के लिए पांच करोड़ से दस करोड़ तक दिया जाता है। वहीं, सूक्ष्म उद्यम के लिए अधिकतम 10 लाख रुपये लोन दिया जाता है। छोटे उद्यम के लिए 10 लाख से दो करोड़ तक और मध्यम उद्यम में दो करोड़ से लेकर अधिकतम पांच करोड़ तक लोन दिया जाता है।

पीएम किसान सम्मान निधि: अगर नहीं आ रही किस्त तो फौरन कर लें यह काम

एक अगस्त से पीएम किसान सम्मान निधि की छठी और इस साल की 2000 रुपये की दूसरी किस्त किसानों के खाते में आनी शुरू हो जाएगी, लेकिन बहुत से ऐसे किसान हैं, जिन्हें इस साल की पहली ही किस्त नहीं मिल पाई है। पीएम किसान की वेबसाइट पर उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक उत्तर प्रदेश के 73 फीसद किसानों के खाते में 2000 रुपये की पांचवीं किस्त पहुंच गई है। यानी 27 फीसद पंजीकृत किसान इससे वंचित हैं। वहीं मध्यप्रदेश के केवल 2 फीसद किसानों तक पांचवीं किस्त पहुंची है। लाखों किसानों के खातों में पैसा नहीं पहुंचने की बड़ी वजह उनके आवेदन, बैंक खाते या आधार कार्ड पर दर्ज नाम की स्पेलिंग अलग-अलग होना। अगर आप भी उन ऐसे ही किसानों में शामिल हैं, जिनके खाते में पांचवीं किस्त नहीं पहुंची है तो यह गलती अभी सुधार लें। इसके लिए कहीं जाने की जरूरत नहीं। आप घर बैठे ही यह काम कर सकते हैं, ये है उसका तरीका...

  • PM-Kisan Scheme की ऑफिशियल वेबसाइट (https://pmkisan.gov.in/) पर जाएं। इसके फार्मर कॉर्नर के अंदर जाकर Edit Aadhaar Details ऑप्शन पर क्लिक करें।
  • आप यहां पर अपना आधार नंबर दर्ज करें। इसके बाद एक कैप्चा कोड डालकर सबमिट करें।
  • अगर आपका केवल नाम गलत होता है यानी कि अप्लीकेशन और आधार में जो आपका नाम है दोनों अलग-अलग है तो आप इसे ऑनलाइन ठीक कर सकते हैं।
  • अगर कोई और गलती है तो इसे आप अपने लेखपाल और कृषि विभाग कार्यालय में संपर्क करें
  • अगर आप अब तक इस स्कीम से वंचित हैं तो आप पहले अपने लेखपाल, कानूनगो या जिला कृषि अधिकारी से संपर्क करें। अगर वहां भी आप की सुनवाई नहीं हो रही तो हेल्पलाइन (155261 या 1800115526) पर संपर्क करें। इसके अलावा आप 011-23381092 पर भी बात कर सकते हैं। 


लिस्ट ऑनलाइन देखने के लिए आसान स्टेप

  • वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। 
  • होम पेज पर मेन्यू बार देखें और यहां ‘फार्मर कार्नर’ पर जाएं। 
  • यहां ‘लाभार्थी सूची’ के लिंक पर क्लिक करें।
  • इसके बाद अपना राज्य, जिला, उप-जिला, ब्लॉक और गांव विवरण दर्ज करें
  • इतना भरने के बाद Get Report पर क्लिक करें और पाएं पूरी लिस्ट


स्टेटस जानने के लिए ये 2 आसान स्टेप

  • स्टेप 1- सबसे पह पीएम किसान की वेबसाइट pmkisan.gov.in पर जाएं। होम पेज पर मेन्यू बार देखें और यहां ‘फार्मर कार्नर’ पर जाएं। यहां BeneficiaryStatus पर क्लिक करें। 
  • स्टेप 2: अब इस पेज पर आपको अपने फार्म की स्टेटस जानने के लिए 3 विकल्प दिखेंगे। आधार नंबर, अकाउंट नंबर और मोबाइल नंबर। इनमें से किसी एक पर क्लिक या टैप करें। अब आप जिस विकल्प को चुने हैं, उसमें वह नंबर डालकर Get Data पर क्लिक करें।


बता दें हर साल मोदी सरकार किसानों के खाते में सीधे 6000 रुपये तीन किस्तों में भेजती है। केंद्र सरकार ने इस योजना को  24 फरवरी 2019 को शुरू किया था और यह एक दिसंबर 2018 से ही प्रभावित हो गया था। यानी अब तक किसानों को 5 किस्त मिल चुकी है और छठी किस्त एक अगस्त से आनी शुरू हो जाएगी।

इन्हें नहीं मिलेगा लाभ

  • किसान परिवार जो निम्न श्रेणियों में से एक या एक से अधिक हैं
  • संवैधानिक पदों के पूर्व और वर्तमान धारक
  • पूर्व और वर्तमान मंत्रियों / राज्य मंत्रियों और लोक सभा / राज्यसभा / राज्य विधानसभाओं / राज्य विधान परिषदों के पूर्व / वर्तमान सदस्य, नगर निगमों के पूर्व और वर्तमान महापौर, जिला पंचायतों के पूर्व और वर्तमान अध्यक्ष।
  • केंद्रीय / राज्य सरकार के मंत्रालयों / कार्यालयों / विभागों और इसकी फील्ड इकाइयों के सभी सेवारत या सेवानिवृत्त अधिकारी और कर्मचारी केंद्रीय या राज्य सार्वजनिक उपक्रम और संलग्न कार्यालय / स्वायत्त संस्थान और सरकार के अधीन स्थानीय निकाय के नियमित कर्मचारी
  • (मल्टी टास्किंग स्टाफ / चतुर्थ श्रेणी / समूह डी कर्मचारियों को छोड़कर)
  • सभी सुपरनेचुरल / रिटायर्ड पेंशनर्स जिनकी मासिक पेंशन रु। 10,000 / - अधिक है
  • (उपरोक्त श्रेणी के मल्टी टास्किंग स्टाफ / चतुर्थ श्रेणी / समूह डी कर्मचारियों को छोड़कर)
  • अंतिम मूल्यांकन वर्ष में आयकर का भुगतान करने वाले सभी व्यक्ति
  • डॉक्टर्स, इंजीनियर्स, वकील, चार्टर्ड अकाउंटेंट और आर्किटेक्ट जैसे पेशेवर पेशेवर निकायों के साथ पंजीकृत होते हैं और अभ्यास करते हैं।

Sunday, July 26, 2020

होम लोन पर कर सकते हैं लाखों रुपये की बचत, जानिए क्या है तरीका

RBI द्वारा नीतिगत ब्याज दरों (Policy Rates) को ध्यान में रखते हुए होम लोन पर लाखों रुपये की बचत की जा सकती है. पिछले कुछ महीनों में केंद्रीय बैंक ने रेपो रेट में बड़ी कटौती की है, जिसके बाद इससे जुड़ा होम लोन (Repo rate linked Home Loan) भी सस्ता हो गया है.

हाल ही में कई पब्लिक सेक्टर बैंकों (PSB's) ने रेपो रेट लिंक्ड होम लोन पेश किया है. इस स्कीम के तहत, फ्लोटिंग होम लोन के लिए ब्याज दर 'मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड बेस्ड लेंडिंग रेट' (MCLR) की जगह रेपो रेट से लिंक होता है. MCLR में ग्राहकों को कम ब्याज दर का फायदा मिलता है. रेपो रेट (Repo rate) वह दर होता है, जिस दर भारतीय रिज़र्व बैंक अन्य कॉमर्शियल बैंकों को कर्ज देता है. आमतौर पर, रेपो रेट से जुड़े होम लोन पर आरबीआई द्वारा नीतिगत ब्याज दरों में बदलाव का फायदा तुरंत मिल जाता है.

कोरोना वायरस महामारी के बीच अर्थव्यवस्था की सेहत सुधारने के लिए पिछले कुछ महीनों में आरबीआई ने रेपो रेट में बड़ी कटौती की है. यही कारण है कि रेपो रेट से लिंक्ड होम लोन भी इसी क्रम में सस्ते हुए हैं. वहीं, इसकी तुलना में एमसीएलआर लिंक्ड होम लोन की दरें महंगी हैं.

क्यों रेपो रेट लिंक्ड होम लोन में शिफ्ट करें?

MCLR की तुलना में रेपो रेट में ऐसे कई फैक्टर्स हैं, जो होम लोन (Repo Rate Linked Home Loan) लेने वालों के लिए इसे आकर्षक बनाता है. सबसे बड़ा फैक्टर तो MCLR के मामले में कॉस्ट ऑफ डिपॉजिट का ही होता है. आज के समय में रेपो रेट दर से जुड़े होम लोन सबसे ज्यादा सस्ते हैं. यही कारण है कि एक्सपर्ट्स भी कर्जदारों को रेटो रेट लिंक्ड में शिफ्ट करने की सलाह देते हैं.

आज के समय में रेपो रेट लिंक्ड होम लोन की दर 7 फीसदी के नीचे हैं जबकि, बेस रेट और एमसीएलआर लिंक्ड रेट्स 7.50 फीसदी या इससे अधिक हैं. ऐसे में अपने पुराने लोन को रेपो रेट लिंक्ड लोन में रिफाइनेंस करना एक बेहतर विकल्प साबित हो सकता है. लोन की पूरी अवधि में इससे लाखों रुपये की बचत हो सकती है. आइए जानते हैं कि लाखों रुपये की यह बचत कैसे होगी।

क्या है लाखों रुपये बचाने का गणित?

मान लीजिए कि किसी व्यक्ति ने 8.2 फीसदी की दर से एमसीएलआर लिंक्ड होम लोन लिया है. इस लोन पर 180 महीने में 25 लाख रुपये का भुगतान बाकी है. अगर इस ब्याज दर में कोई बदलाव नहीं होता है तो कुल ब्याज करीब 18.52 लाख रुपये होगा. इसकी ईएमआई करीब 24,180 रुपये होगी.

अगर इसे 7.1 फीसदी की ब्याज दर पर भी रेपो​ लिंक्ड लोन में कन्वर्ट किया जाता है तो इन 180 महीनों के लिए कुल ब्याज करीब 15.69 लाख रुपये होगा. इस प्रकार रेपो लिंक्ड लोन पर 2.83 लाख रुपये की बचत होगी. इससे उन्हें हर महीने 1,570 रुपये कम ईएमआई देनी होगी, जोकि 22,610 रुपये होगी.

इसके अतिरिक्त, अगर कर्जदार रिफाइनेंस किए जा चुके लोन पर पहले की तरह ही 24,180 रुपये प्रति महीने की EMI जमा करता रहा तो लोन की अवधि घटकर केवल 161 महीने की हो जाएगी. इससे ब्याज पर अतरिक्त 1.92 लाख रुपये की बचत हो सकती है.

आरबीआई ने बैंकों से कहा है कि वो बिना किसी अतिरिक्त मार्जिन के लोन ट्रांसफर करने की सुविधा दें. हालांकि, एक लोन से दूसरे लोन में शिफ्ट करने के लिए लेनदार को कुछ कनवर्जन चार्ज देना पड़ेगा. यह बैंक की अपनी पॉलिसी पर निर्भर करेगा.।

Post Office Saving Scheme: बचत पर बेहतर रिटर्न दे रही है पोस्ट ऑफिस की यह योजना, जानिए और क्या है खास

पोस्ट ऑफिस अपने ग्राहकों से कई तरह की स्मॉल सेविंग स्कीम्स की पेशकश करता है। ये स्कीम्स बेहतर ब्याज दर और सुरक्षित निवेश के लिए जानी जाती हैं। पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम भी ऐसी ही एक स्कीम है। इस स्कीम में निवेश करके निवेशक एक अच्छी-खासी बचत कर सकता है और अपनी बचत पर बेहतर ब्याज प्राप्त कर सकता है। आइए इस स्कीम के विभिन्न पहलुओं पर बात करते हैं।

ये खुलवा सकते हैं खाता 

पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम में एक एकल वयस्क, ज्वाइंट अकाउंट (अधिकतम दो वयस्क), 10 साल से अधिक उम्र के नाबालिग और मानसिक रूप से दिव्यांग व्यक्ति के नाम पर पेरेंट्स द्वारा खाता खुलवाया जा सकता है।

ब्याज दर

पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम में ब्याज दर की बात करें, तो इस योजना के तहत एकल या ज्वाइंट अकाउंट पर 4 फीसद सालाना की दर से ब्याज प्राप्त होता है। साथ ही इस योजना में एक वित्त वर्ष में 10,000 रुपये तक की ब्याज आय टैक्स फ्री भी होती है।

डिपॉजिट लिमिट

पोस्ट ऑफिस सेविंग स्कीम में डिपॉजिट लिमिट की बात करें, तो इस योजना के तहत खुले अकाउंट में कम से कम 500 रुपये की राशि रखना आवश्यक होता है। पोस्ट ऑफिस सेविंग अकाउंट में यदि खाताधारक न्यूनतम 500 रुपये की राशि नहीं रख पाता हैं, तो प्रत्येक वित्त वर्ष के अंतिम कामकाजी दिन मेंटेनेंस शुल्क के रूप में 100 रुपये शुल्क काटा जाता है। यदि मेंटेनेंस शुल्क कटने के बाद खाते में जीरो रुपये शेष बचते हैं, तो इस अकाउंट को बंद कर दिया जाता है।


Friday, July 24, 2020

किसान ही बनेंगे बीज बैंक के मालिक, आत्मनिर्भर भारत योजना में दिया जाएगा लाइसेंस

देश के किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रधानमंत्री की घोषणा फलीभूत हो रही है। केंद्रीय कृषि और किसान कल्याण विभाग ने बीज बैंक योजना को बड़े पैमाने पर शुरू करने का एलान किया है। इसके तहत अब देशभर में जिलेवार बीज बैंक बनेंगे।

इसके लिए किसानों को ही बीज बैंक का लाइसेंस दिया जाएगा। इससे किसान बीज के उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बन सकेंगे। इस योजना में देश के साढ़े छह सौ जिलों में बीज बैंक खोले जाने हैं। देश में इस समय लगभग तीस फीसदी बीज किसान स्वयं बनाता है बाकी बीजों के लिए उसे बाजार और सरकारी सस्ते बीजों की उपलब्धता पर निर्भर रहना पड़ता है।

ऐसे में कई बार उसे बीज की गुणवत्ता के चलते बड़ी ही कम पैदावार या बीमार फसल जैसी दुश्वारियां भी झेलनी पड़ती हैं। ऐसे में किसानों को इस दिशा में सक्रिय करने के लिए मंत्रालय ने पूर्व के लाइसेंस नियमों में भी काफी ढील दी है। इसमें अब  बीज बैंक के लाइसेंस के लिए कक्षा दस पास होना ही काफी होगा।

किसान को स्थानीय कृषि प्रसार केंद्र पर प्रशिक्षण देकर प्रशिक्षित कर दिया जाएगा। लाइसेंस के लिए अन्य योग्यताएं हैं उसके पास अपनी या बटाई अथवा पट्टेदारी में कम से कम एक एकड़ जमीन होनी चाहिए। उसे राज्य स्तर से बीज के स्तर और मानकों के लिए निबंधन और प्रमाणन करना होगा।

सरकार द्वारा उन्हें एक मुश्त रकम प्रोत्साहन राशि के रूप में दी जाएगी। इसके अलावा भंडारण की सुविधा के लिए प्रशिक्षण के साथ उपलब्ध संसाधनों पर सब्सिडी भी दी जाएगी। बीज बैंक का लाइसेंस लेने वाले किसान को उसके बीज का बाजार दिलाने की जिम्मेदारी राज्य सरकार की होगी।

बीज का मूल्य भी पहले से ही तय किया जाएगा। इसके लिए फसल के न्यूनतम समर्थन मूल्य एमएसपी पर 20 फीसदी राशि को जोड़कर प्रसंस्करण बीज के आधार पर क्रय मूल्य का निर्धारण राज्य बीज निगम करेगा। इसके लिए बीज निगम पहले प्रयास में बीज उत्पादक किसानों के खलिहानों से बीजों का संग्रहण करेगा।

नए बीज उत्पादक किसानों को बीज उत्पादन हेतु क्षेत्रीय प्रबंधन एवं केंद्रीय प्रभारी द्वारा आधार बीज मूल्य का भुगतान लेकर उपलब्ध कराया जाएगा। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि जिला स्तर पर बीज बैंक हो जाने से किसान को अच्छे और सस्ते बीज मिलने की राह तो आसान होगी ही साथ ही किसान भी उच्च गुणवत्ता की फसल को उपजाने के लिए प्रोत्साहित होंगे, क्योंकि उन्हें इस प्रक्रिया के चलते महंगे बीजों से निजात और उत्पादक की विश्वसनीयता का लाभ मिल सकेगा।

पीएम किसान सम्मान निधि योजना में ये 5 बदलाव आप पर ऐसे डालेंगे असर और csc center रजिस्ट्रेशन कर सकते है

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि स्कीम के तहत सालाना तीन किस्तों में 6000 रुपये का लाभ उठाने के लिए कुल 8 करोड़ 81 लाख लाभार्थी हैं।  पीएम नरे...